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Famous Jhulelal Mandir of Delhi NCR

Famous Jhulelal Mandir of Delhi NCR
List of famous Jhulelal Temples in New Delhi, Noida, Ghaziabad and Gurugram:
1/3 Shri Jhulelal Mandir @Mote Wala Bagh, Shalimar Bagh New Delhi - 110088 Shri Jhulelal Mandir
श्री झूलेलाल मंदिर (Shri Jhulelal Mandir) a religious and cultural center of Sindhi Samaj in Shalimar Bagh. Most famous Shri Uderolal temple in Delhi, near Sarvodaya Kanya Vidyalaya, Mote Wala Bagh, Police Colony and Azadpur Fruit Market.
2/3 Shri Jhulelal Mandir @E2/27, Dr Bhim Rao Ambedkar Marg, Block E 2, Jhandewalan Extension, New Delhi - 110005 Shri Jhulelal Mandir
With the grace of jal devta Shri Varun Dev, Sindhu Samaj established श्री झूलेलाल मंदिर (Shri Jhulelal Mandir) dedicated to Aayolal Shri Jhulelal Ji, fifty meter away from Jhandewalan metro station.
3/3 Shri Jhulelal Mandir @Patel Rd, New Moti Nagar, New Delhi - 110015 Shri Jhulelal Mandir
श्री झूलेलाल मंदिर (Shri Jhulelal Mandir) dedicated to Shri Jhulelal Ji founded on 12 October 1967 near metro station Moti Nagar.
Shri Jhulelal Mandir @Shalimar Bagh, New Delhi - 110088

चेट्रीचंड्र - नव् विक्रम संवत 2074 [29 मार्च 2017]

बड़े हर्षो - उल्लास के साथ किया जा रहा हे। इस मौक़े पर सिंधी कलाम, सिंधी शैेज, झूलेलाल बाबा का स्तुतिगान सिंधी कलाकारों द्वारा किया जायेगा। आप सभी से निवेदन समय से पहुँच कर भगवान श्री झूलेलाल जी का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करे।
कार्यक्रम :
बहराणा साहिब पूजा 6:00 साय
महाआरती 7:00 साय
पलव साहिब 8:00 रात्रि
भजन कीर्तन 9:00 रात्रि
भण्डारा साहिब 10:00 रात्रि

स्थान - झूलेलाल मंदिर शालीमार बाग़
मंत्र: महामृत्युंजय मंत्र, संजीवनी मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
आरती: श्री पार्वती माँ
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता।
अरिकुल कंटक नासनि, निज सेवक त्राता, जगजननी जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
श्री शनि जयंती के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर - 25 May 2017
श्री शनि जयंती! सूर्य देव एवं देवी छाया के पुत्र श्री शनिदेव के अवतरण दिवस के रूप मे मनाई जाती है।
आगे देखिए दिल्ली, गाज़ियाबाद के कुछ प्रसिद्ध मंदिर जहाँ मनाई जाती है, श्री शनि जयंती!
आरती: श्री शनिदेव जी
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥
चालीसा: श्री शनिदेव जी
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।
दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥
आरती: श्री महावीर भगवान 3 | जय सन्मति देवा
जय सन्मति देवा, प्रभु जय सन्मति देवा।
वर्द्धमान महावीर वीर अति, जय संकट छेवा॥ ऊँ जय सन्मति देवा ॥
आरती: ॐ जय महावीर प्रभु 2
ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभो।
जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥ ॐ जय महावीर प्रभु॥
आरती: ॐ जय महावीर प्रभु!
ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु।
कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु॥
भजन: सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को...
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है, मैं जब से शरण तेरी आया। मेरे राम ॥
मंत्र: णमोकार महामंत्र
णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।
एसोपंचणमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो। मंगला णं च सव्वेसिं, पडमम हवई मंगलं।
Chhatarpur MandirChhatarpur Mandir
छत्तरपुर मंदिर (Chhatarpur Mandir) a group of temples like Maa Katyayani Mandir, Shri Laxmi Vinayak Mandir, Baba Jharpeer Mandir, Markandeya Mandapam, 101 feet Hanuman Murti. Temple popularly known as श्री आद्या कत्यायानी शक्ति पीठ मंदिर (Shri Adya Katyayani Shaktipeeth Mandir)
मसखरी - Maskhari
ऐसा लग रहा है कि विजय माल्या रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर टीम के खिलाडियों का पैसा भी दबा कर भगे हैं , आईपीएल में उन बेचारों का मारे अफ़सोस के परफॉरमेंस ही बिगड़ गया 🙂
घुरपेँच - Ghurpainch
आज लोगों को कब Sorry, Excuse Me, Thank You बोलना है, पता है।
पर सामने-वाले को हिन्दी मे आप (तू नहीं) बोलना होता है, बस ये नहीं पता।
मेरा नमस्ते कहना...
X ने Y को कहा, कि मेरा प्रणाम Z को बोलना...
अतः X चाहते हैं कि Y, Z को आज एक बार और प्रणाम करें।
अर्थात Y, Z से आज, एक बार और विनम्रता पूर्वक संवाद स्थापित करें।
कटप्पा ने बाहुबली क्यों मारा?
कटप्पा ने बाहुबली क्यों मारा?
...भारत को! ये जानना ज़्यादा इम्पोर्टेंट है क्या...?
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही...
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही, हमें फ़र्क़ था माझे पर नाज था!!
डूवी मेरी कश्ती पतवार के हाथो ही, हमें फ़र्क़ था पतवार पर नाज था!!
पत्तल में खाने के महत्व
» पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है।
» केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है।
मटके के पानी के फायदे!
» इस पानी को पीने से थकान दूर होती है।
» इसे पीने से पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होती।
» मटके की मिट्टी कीटाणुनाशक होती है जो पानी में से दूषित पदार्थो को साफ करने का काम करती है।
हाथ-पैरों में आने वाले ‪पसीने‬ का उपचार
आँवला चूर्ण एवं पिसी हुई मिश्री बराबर मात्रा मे मिलाकर प्रतिदिन सुवह - शाम 1-1 चम्मच सेवन करने से कुछ समय मे ही, हाथ की हथेली और पैरों के तलवों से आने वाले पसीने की समस्या मे लाभ मिलता है...
गर्मियों में हाथ पैरों में अकड़ाहट
इसलिए प्याज के रस को गुनगुना करके हथेलियों और पैर के तलवों की मालिश करने से अकड़ाहट मे लाभ मिलता है...
तलवों मे जलन को दूर करें
गुनगुने पानी मे एक चम्मच सरसों का तेल डालकर दोनो पैर दस मिनट के लिए इसमें डुबाकर रखें...
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
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