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Today, Mata Brahmacharinid - माता ब्रह्मचारिणी worshiped during Shardiya Navratri 2017.

Hanuman Jayanti

हनुमान जयंती - Hanuman Jayanti
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) is an important festival of Hindus, the Vanar Dev Ram Bhakta in India celebrated to commemorate the birth of Lord Hanuman. Shri Hanumant embodies power and energy, and magical powers and the ability to keep evil spirits Ginte worshiped as a God.

In various areas of the country Hanuman Jayanti is celebrated on different times, North India it is mainly celebrated on Chaitra Purnima. Read Hanuman Jayanti in Hindi

Information

Dates
Upcoming Event
31 March 2018
Futures Dates
19 April 2019
8 April 2020
27 April 2021
Past Dates
22 April 2016
11 April 2017
Related Name
Hanumanh Jayanti, Hanumath Jayanti
Frequency
Yearly
Duration
1 Days
Begins / Ends
Chaitra Shukla Purnima
Months
March / April

Hanuman Jayanti in Hindi

हनुमान जयंती हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, इसे भारत भर में वानर देवता राम भक्त हनुमान जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। श्री हनुमंत शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक हैं, व जादुई शक्तियों और बुरी आत्माओं को जीनते की क्षमता रखने वाले देवता के रूप मे पूजे जाते हैं। हनुमान जयंती देश के विभिन्न इलाक़ों मे अलग-अलग समय पे मनाया जाता है, उत्तर भारत ये मुख्य रूप से चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है।

About Shri Hanuman

केसरी तथा अंजना के पुत्र, हनुमानजी को महावीर, बजरंगबली, मारुती, पवनपुत्र, अंजनीपुत्र तथा केसरीनन्दन के नाम से भी जाना जाता है। श्री हनुमंत को शिवजी का रौद्र रूप भी मानते है, अतः प्रत्येक हनुमान मंदिर में शिवलिंग स्थापित की जाती है।
हनुमानजी की प्रतिमा पर लगा सिन्दूर अत्यन्त ही पवित्र होता है। भक्तगण प्रायः इस सिन्दूर का तिलक अपने मस्तक पर लगाते हैं। ऐसा माना जाता है, कि इस तिलक के मध्यम से भक्त भी हनुमानजी की कृपा से उनकी ही तरह शक्तिशाली, ऊर्जावान तथा संयमित होजाते हैं।

About Panchmukhi Hanuman

अहिरावण ने मां भवानी के लिए पाँच दीपक जलाए थे, जिन्हें पांच दिशाओं मे पांच जगह पर रखा गया था। इन पांचों दीपक को एक साथ बुझाने पर ही अहिरावन का वध हो सकता था, इस कारण हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण किया। उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख। इस रूप को धारण कर उन्होंने सभी पांचों दीप बुझाए तथा अहिरावण का वध कर श्री राम और लक्ष्मण को मुक्त कराया।
JhandewalanJhandewalan
By the inspiration of spiritual power Shri Badri Bhagat initiate a Mata temple on hill and also install a flag therefore called Jandewala Temple but actual name of the temple is झंडेवालान (Jhandewalan), near Jhandewalan metro station.
आरती: माँ महाकाली
जय काली माता, मा जय महा काली माँ।
रतबीजा वध कारिणी माता।
सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ॥...
आरती: माँ दुर्गा, माँ काली
अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुण गाये भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥...
भजन: सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो।
सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो, चलो दर्शन पालो चल के।
करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानियां॥
भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!
साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।
भजन: चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
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