close this ads

Shivaratri

Updated: Jul 15, 2017 18:20 PM
About | Dates | Maha Shivaratri | Sawan Shivaratri
शिवरात्रि - Shivaratri
शिवरात्रि (Shivaratri) dedicated to Lord Shiv-Parvati, devotees offerings of bael leaves are made to the Lingam. Two shivaratri are most famous among all other monthly festival called Maha Shivaratri and Sawan Shivaratri.

Information

Upcoming Event
19 August 2017
18 September 2017
17 October 2017
16 November 2017
15 December 2017
Related Name
महा शिवरात्रि (Maha Shivaratri), काँवर यात्रा (Kanvad Yatra), Shivterash (शिवतेरश), Bola-Upwas (भोला उपवास), Bholapaas
Frequency
Monthly
Duration
1 Days
Mantra
ॐ नमः शिवायः - Om Namah Shivaya, Bol Bam - बोल बम, Bam Bam - बम बम, Bam Bam Bhole - बम बम भोले, Har Har Mahadev - हर हर महादेव
Months
Trayodashi of Every Month
Maha Shivaratri: February / March
Sawan Shivaratri: July / August
Reason
Favorite day of Lord Shiv, Marriage Anniversary.
Celebrations
Fast, Bhajan/Kirtan, Prayers in Gauri-Shankar Temple, रुद्राभिषेक - Rudrabhishek.
Imp Places
All Jyotirling, Rishikesh, Pashupatinath
सावन शिवरात्रि (Sawan Shivaratri)21 July 2017
सावन शिवरात्रि (Sawan Shivaratri) is also called काँवर यात्रा (Kanvad Yatra) during the monsoon month Shraawan (Jul-Aug). Named after the kanvar (काँवर), a single pole (usually made of bamboo). Devotees of Lord Shiva, known as Kanvarias or kanvanrathi (काँवाँरथी), to Hindu pilgrimage places of Haridwar, Gaumukh & Gangotri in Uttarakhand; Sultanganj in Bihar to fetch holy waters of Ganges River, Ganga Jal, which is later offered at their local Shiv temples (including Kashi Vishwanath, Baidyanath, Neelkanth and Devghar).

Kanwar yatra is related to the churning of the ocean of milk in the Hindu Puranas. When Lord Shiva consumed poison during (Churning of the Ocean of Milk) samudra manthan, He started suffering from negative energy of poison. In Treta Yuga Ravana did meditation, He brought holy water of Ganga by using kanwar and poured it on Lord Shivas temple in Puramahadev. Thus releasing Lord Shiva from the negative energy of the poison.

Hindi Version:
सावन शिवरात्रि को काँवर यात्रा भी कहा जाता है, जो मानसून के श्रावण (जुलाई-अगस्त) के महीने मे आता है। कंवर (काँवर), एक खोखले बांस को कहते हैं इस अनुष्ठान के अंतर्गत, भगवान शिव के भक्तों को कंवरियास या काँवाँरथी के रूप में जाने जाता है। हिंदू तीर्थ स्थानों हरिद्वार, गौमुख व गंगोत्री, सुल्तानगंज में गंगा नदी, काशी विश्वनाथ, बैद्यनाथ, नीलकंठ और देवघर सहित अन्य स्थानो से गंगाजल भरकर, अपने - अपने स्थानीय शिव मंदिरों में इस पवित्र जल को लाकर चढ़ाया जाता है।

हिन्दू पुराणों में कांवड़ यात्रा समुद्र के मंथन से संबंधित है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने जहर का सेवन किया, जिससे नकारात्मक ऊर्जा से पीड़ित हुए। त्रेता युग में रावण ने शिव का ध्यान किया और वह कंवर का उपयोग करके, गंगा के पवित्र जल को लाया और भगवान शिव पर अर्पित किया, इस प्रकार जहर की नकारात्मक ऊर्जा भगवान शिव से दूर हुई।
महा शिवरात्रि (Maha Shivaratri) 13 February 2018
Maha Shivaratri is the day Shiva was married to the goddess Parvati. Some devotees do not even take a drop of water. The Shiva Lingam is worshipped throughout the night by washing it every three hours with milk, curd, honey, rose water, etc.

The two great natural forces that afflict man are Rajas (the quality of passionate activity) and Tamas (that of inertia). The Shivaratri Vrata aims at the perfect control of these two. Evils like lust, anger, and jealousy, born of Rajas are ignored and subdued. The devotee observes vigil throughout the night and thus conquers Tamas also. Constant vigilance is imposed on the mind. Every three hours a round of worship of the Shiva Lingam is conducted.

After earth's creation was complete, Parvati asked Lord Shiva which devotees and rituals pleased him the most. The Lord replied that the 14th night of the new moon, in the dark fortnight during the month of Phalgun, is his favorite day.

Hindi Version:
महाशिवरात्रि, भगवान शिव की पार्वती देवी से शादी का दिन है। इस दिन ब्रत मे, कुछ भक्तों को बिना पानी के ब्रत रहिते देखा गया है। आज के दिन भक्त शिवलिंग को दूध, दही, शहद, गुलाब जल, आदि के साथ हर तीन घंटे के अंतराल मे सारी रात पूजा करते हैं।

आज का दिन दो महान प्राकृतिक शक्तियों, रजस एवं तमस के एक साथ आने का दिन है। शिवरात्रि व्रत इन दोनों शक्तियों का सही नियंत्रण है। वासना, क्रोध, और ईर्ष्या जैसे बुराइयों को नियंत्रण कर सकते हैं। हर तीन घंटे शिवलिंग की पूजा के एक दौर आयोजित किया जाता है।

पृथ्वी की रचना पूरी होने के बाद, पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि भक्तों के कौनसे अनुष्ठानों से आपको सबसे ज़्यादा प्रशन्नता होती है। भगवान ने कहा है कि, फाल्गुन के महीने के दौरान शुक्लपक्ष की 14वीं रात मेरा पसंदीदा दिन है।
Futures Dates
Maha Shivaratri: 13 February 2018
Sawan Shivaratri: 9 August 2018
Past Dates
Sawan Shivaratri: 21 July 2017
Maha Shivaratri: 24 February 2017
25 January 2017
Sawan Shivaratri: 1 August 2016
Maha Shivaratri: 7 March 2016
Sawan Shivaratri: 12 August 2015
Maha Shivaratri: 17 February 2015
Arya Samaj MandirArya Samaj Mandir
आर्य समाज मंदिर (Arya Samaj Mandir), punjabi Bagh is the center of vedic culture and Swami Dayanand Saraswati`s thoughts.
विविध: आर्य समाज के नियम
ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।
प्रेरक कथा: नारायण नाम की महिमा!
संत जन आशीर्वाद देकर चले गए। समय बीता उसके पुत्र हुआ। नाम रखा नारायण। अजामिल अपने नारायण पुत्र में बहुत आशक्त था। अजामिल ने अपना सम्पूर्ण हृदय अपने बच्चे नारायण को सौंप दिया था।
आरती: श्री बाल कृष्ण जी
आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपना जन्म सफल कर लीजै।
श्री यशोदा का परम दुलारा, बाबा के अँखियन का तारा।...
भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल, रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…
आरती: कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
^
top