Bachpan to Reebok

अंगूठा टेक थे, जब हम
सरकार ने करना हमें, साइन सिखाया।
पढना सीख गए, जब हम
आधार पे फिर, अंगूठा टेकना सिखाया।

वोट देते हैं जब जब भी
नेता घुमाते हैं इतना क्यों?
चुनाव आते हैं जब जब भी
नेता घुमते है इतना क्यों?

जब हम कम पढ़े थे तब, साइकिल चलाते थे।
अब हम पढ़ गए फिर, तो प्रदूषण फैलाते हैं।
क्या सच है यही पढ़ना, या हम अफवा फैलाते हैं।

बचपन मे थेंक्स नहीं बोलते थे...
तब गाली भी तो नहीं जानते थे,
अभी जब थेंक्स बोलना सीख लिये हम...
फिर अब गाली भी तो सीख लिये हम :(

Hindi Version in English

angootha tek the, jab ham
sarakar ne karana hamen, sign sikhaaya.
padhna seekh gaye, jab ham
aadhaar pe phir, angootha tekna sikhaaya.

ab ham kam padhe the tab, cycle chalate the.
ab ham padh gae phir, too pollution phailaate hain.
kya sach hai yahee padhna, ya ham aphavah phailaate hain.

Bachpab me thanks nahi bolte the...
Tab gaali bhi too nahi jante the,
Abhi jab thanks bolana seekh liye ham...
Fir ab gaali bhi too sheekh hi liye ham :(
- Nitin Pratap Singh
लपेटे में नेता जी...
आप अपने भाई हास्य कवि विनोद पांडेय को यहाँ भी देख सकते हैं। न्यूज़ 18 इंडिया (जिसका पहले नाम IBN 7 था) के खास शो में। एक अद्भुत कार्यक्रम जिसमें यूपी चुनाव पर सभी पार्टी के नेताओं से कविताओं में प्रश्न पूछा गया और वो बड़ी चतुराई से उत्तर देते रहें ।
`Paa` ke sath ke wo pal... Father`s day special
`पा` की डाँट पे रूठ जाना, फिर `पा` की आँखो मे झलकता प्यार,
फिर हमारे नखरे की दरकार, सब याद आते हैं वो पल, `पा` के साथ के वो पल...
लव वाली कविता...
कुछ ऐसे वीर अभी भी है, जो याद संजोए रहते है,
गत साल मिला जो सिला इन्हे, बस उसमें खोए रहते है
इतने लाचार हैं आदत से, अब भी ये पगला जाते हैं...
दिल दिल हुआ हुआ... फकीरा......
तुम मिले तो मिले जहाँ, तुम खिले तो खिले जहाँ!
मेरी शाहिल का तुम किनारा, दिल दिल हुआ फकीरा!!
Pyar Ki Pyar Se Rachna - Vinod Pandey
आज भी वो प्यार का पंक्षी चहकता है सनम, देखकर एल्बम पुराना दिल बहकता है सनम...
डूँडती मेरी नज़र भटकता दरबदर...
डूँडती मेरी नज़र भटकता दरबदर... काश कि मिल जाये रव पूँछू....
किस खता की मिली सजा, काश कि मिल जायें रव!!
आधी अधूरी कहानी...
रोके से रुके न थम थम के आँसू बरसते है,
हाथो में बसी जीवन रेखा क्यो कतराती हैं,
ज़िंदगी के बनने से पहले धागे क्यो टूटते है!!
Bachpan to Reebok
अंगूठा टेक थे, जब हम। सरकार ने करना हमें, साइन सिखाया।
पढना सीख गए, जब हम। आधार पे फिर, अंगूठा टेकना सिखाया।
Kavi Vinod Pandey Ki Kalam - 2016
कहते थे सब लोग नाम से मुलायम हैं, निकले बड़े कठोर नाम के नहीं हुए
काम बोलने लगा तो अखिलेश को हटाये, वही जो कभी भी किसी काम के नहीं हुए ...
उसे हम आँगन मे लगा ना सके...
जो तुलसी का छोटा सा पौधा, हमारे आँगन के लिए उपयुक्त था।
उसे हम आँगन मे लगा ना सके...
Shri Gauri Shankar MandirShri Gauri Shankar Mandir
श्री गौरी शंकर मंदिर (Shri Gauri Shankar Mandir) dedicated to Lord Shiv and Parvati, an 800 year old Lingam made of a brown coloured Phallus Stone that is wrapped within a marble structure that represents the form of a female organ.
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
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