Kavi Vinod Pandey Ki Kalam - 2016

Kavi Vinod Pandey Ki Kalam - 2016
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30 December 2016:
कहते थे सब लोग नाम से मुलायम हैं
निकले बड़े कठोर नाम के नहीं हुए

काम बोलने लगा तो अखिलेश को हटाये
वही जो कभी भी किसी काम के नहीं हुए

उनके लिए तो सब आलू और बैगन हैं
भून दिया थे जो शालिग्राम के नहीं हुआ

रामगोपाल का भला वो कैसे होते बोलो
आदमी जो भगवान राम के नहीं हुए

24 December 2016:
तब कहते थे बीजेपी से, है उनका अनुबंध।
अब कहते हैं सब अच्छा था, थे अच्छे सम्बन्ध।

साहब अब कहने लगे, बहुत सही थे जंग।
कैसे कैसे आदमी, आज बदलता रंग।

24 November 2016:
कालाधन कालाधन कालाधन बोल-बोल
गोरे-काले सबको लपेट लिए मोदी जी,
सारे देशवासियों की करवा दिए परेड
लाइन में खड़े भूखे पेट लिए मोदी जी,
राहुल व केजरी जी हल्ला मचा रहें हैं
सारा माल अपना समेट लिए मोदी जी,
ममता व मायावती सदमें में आ गयी हैं
एक बॉल से कई विकेट लिए मोदी जी,

17 November 2016:
मातु शारदे का वरदान मिला आपको है, भूल से भी कभी अभिमान मत कीजिये।
जन-जागृति में काव्य साधना फले सदैव, कविता से मुर्ख को महान मत कीजिये।
तोड़िये,मरोड़िये न छंद के विधान को व, काव्य को मसाले की दुकान मत कीजिये।
कुछ माल ,कुछ ताल ,कुछ दाद के लिए जी, लेखनी का आप अपमान मत कीजिये।

30 October 2016:
एक दीप प्यार का हो, एक परिवार का हो,
एक दीप मुस्कान के लिए जलाइये।

एक दीप ज्ञान का हो, एक विज्ञान का हो,
एक दीप स्वाभिमान के लिए जलाइये।

एक दीप खुशियों का हो, एक दीप रिश्तों का
एक दीप सम्मान के लिए जलाइये।

एक दीप देश के शहीदों को समर्पित
एक दीप भगवान के लिए जलाइये।


20 October 2016:
आदमी की आदतें भी जानवर सी हो गई है
काट खाने का कोई मौका नहीं वह चूकता है
बात करने का तरीका वो सिखातें हैं हमें अब
पीठ पीछे जिनके मुँह पर यह जमाना थूकता है

16 July 2016:
मेरे गीत मेरे साथ है तो फ़िक्र क्या मुझे
तन्हाइयाँ मिले या सारा जहां मिले
मैं चाँद तक जाने का हुनर सीख लिया हूँ
बस इंतज़ार है कि कोई आसमां मिले

15 July 2016:
डटें रहना सदा ईमान पर मन खूब डोलेगा,
वो ही इतिहास होगा न्याय की जो आँखें खोलेगा
नहीं अखबार हैं हम जो कहेंगे चाँद जुगनूँ को,
अगर हम सच नही गायें हमें कवि कौन बोलेगा
- विनोद पांडेय
Bachpan to Reebok
अंगूठा टेक थे, जब हम। सरकार ने करना हमें, साइन सिखाया।
पढना सीख गए, जब हम। आधार पे फिर, अंगूठा टेकना सिखाया।
Kavi Vinod Pandey Ki Kalam - 2016
कहते थे सब लोग नाम से मुलायम हैं, निकले बड़े कठोर नाम के नहीं हुए
काम बोलने लगा तो अखिलेश को हटाये, वही जो कभी भी किसी काम के नहीं हुए ...
उसे हम आँगन मे लगा ना सके...
जो तुलसी का छोटा सा पौधा, हमारे आँगन के लिए उपयुक्त था।
उसे हम आँगन मे लगा ना सके...
ऐ शाम की धूप कुछ कहना है चाहती
शाम को पंछी कुछ सीखना चाहते हैं,
अपनी एकता की शक्ति को दिखना चाहते हैं...
दिल दिल हुआ हुआ... फकीरा......
तुम मिले तो मिले जहाँ, तुम खिले तो खिले जहाँ!
मेरी शाहिल का तुम किनारा, दिल दिल हुआ फकीरा!!
Notes par bhi what lagi hai...
चिल्लड नहीं है जेवो में, नोटो पर भी वाँट लगी हैं!!
आज रोते में भी हँसता हूँ, मेरी तो जेव है खाली पर, कुबेरो की तो नीद उड़ी है!!!
ख़ुशी को! इस दिवाली मेरे घर का पता दें दो...
हर कारीगर की नज़र डूडती हैं, आशा अभिलाषा से पूछँती है।।
दमक की ज्योति मुस्कान की झङी दें दो, बता दो बता दो ख़ुशी को पता दें दो।। इस दिवाली मेरे घर का पता दं दो...
बाबू जी सेवानिवृत्त हो गये हैं
यह मन जीवन के अंतिम पल तक यहीं, अपनों के बीच में ही रहने ज़िद पाले बैठा है
यद्यपि समस्त इच्छाओं से मन तृप्त हो गये हैं, और सब कहते हैं कि बाबू जी सेवानिवृत्त हो गये हैं।...
शंखनाद हो चुका बोर्डर के अध्याय से...
शंखनाद हो चुका बोर्डर के अध्याय से, आंतक के रक्त से पन्ने बेखोप लिख रहें!
भीगी बिल्ली बना पाक शेर की दहाड से, बार्डर पार कर शेरो ने सेध लगाई रे!!
इधर भी है, उधर भी है जिधर देखो चिकनगुनिया...
इधर भी है, उधर भी है जिधर देखो चिकनगुनिया!
चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया
Sri Rangji MandirSri Rangji Mandir
श्री रंगजी मंदिर (Sri Rangji Mandir) inspiration architecture of Sri Varadaraja Temple, Kanchipuram. The mix efforts of south and north Indian temple architecture.
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
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