close this ads

माँगू ईश्वर एक वरदान..

माँगू ईश्वर एक वरदान, उदर की ज्वाला हो शान्त!!
किसान की तृष्णा हो अभय, माँगूँ ईश्वर एक वरदान!!
दाल भात के हो ऊँचे दाम, जनता में मच जायें खलवली!!
तख्ता पटल जाते है तब, सङक पर उतर जाते है सब!!

राजनीति का फण्डा है किसान, चुनावो में झडी बन जाते है सब!!
चकाचोध के छबीले समाज, एक वार किसान के घर जाके देखो!!
सपनो में सब अरमान सजाते, सपनो में अरमान रह जाते!!
दो महीने पगार न मिले तब, कारखानो में लग जाते है ताले तब!!

साल गुजरी ईख का दाम कहाँ? सूद तो भूलो मूल धन है कहाँ!!
मंहगाई दाल भात बिचौली पायें, किसान की थाली में साग रोटी पायें!!
जब जब सडको पर फसले बिछती, दो जून की रोटी मुँह है ताँके!!
कर्ज़ के तले दब आत्मदाह पायें, छोड़ के परिवार शमशान पायें!!

कुदरत के कहर का घाव गहरा, फसलो पर पड़ा पाला पड़ा मंहगा!!
ऊँचे फ्लेटो मकानो में रहने वाले, झुग्गी कच्चे लीपपोत में जाके देखो!!
ऐसी कूलर पंखो में रहने वालो, लू लपट मटगे का पानी देखो!!
आँफीसर बन ठाट से रहने वालो, खेत खलियान मौसम की छाँव देखो!!

लहू बन टपकता है पसीना, एक दिन किसान बन जीना देखो!!
अपनी ढपली अपना राग छोडो, किसान के साथ एक जुटता जोडो!!
अपने बच्चो के लिए घर दुकाने, खेल खिलौने से सज जाती है!!
माटी से खेलना माटी के खिलौने, माटी से ही अन्न को उगाते हैं!!

शहरी बाबू की ख़ातिरदारी खूब, सज सज के पकवान आते है!!
आ जायें वाप वेटा के घर तो, किसान को खूब दुतकारते है!!
पगो में धूल मेले कपङे देखकर, शहरी खूब मज़ाक उडाते हैं!!
खाने की तमीज़ में देहाती देख, छी छी कर मुँह खूब बनाते है!!

ठेठ देहाती भाषा में करते बखान, शहरी लाज लजाते बहुत है!!
बाप को पाठ सिखाते वेटा, तमीज़ नहीं तो बखान करते क्यों?
मित्र मंडली में नाक मेरी कटवाई, बोस के सामने नीचता दिखाई!!
मान न सम्मान किसान का दर्द, लहू हुआ है पसीना पसीना!!

टूटते आस के दीपक देखकर...
माँगूँ ईश्वर एक वरदान, उदर की ज्वाला कर दो शान्त!!
किसान फिर क्यों बने किसान, पलते है जिससे कितने घर!!
पता चल जाये सबको मूल्य, किसान बिना कहाँ रोजगार!!
माँगू ईश्वर एक वरदान, किसान की ज्वाला कर दो शान्त!!
- आकाँक्षा जादौन
If you love this article please like, share or comment!
Bachpan to Reebok
पढ़-लिख कर हमने कार खरीदी :(
और वो...
अनपढ़ रह कर भी पेड़ लगाने चल दिए!!
Kavi Vinod Pandey Ki Kalam - 2017
खा रहें हैं जो टमाटर आजकल,दायरे में टैक्स के वो आएँगे
पी रहे हैं जो टमाटर जूस उनके, घर पे छापे जल्द मारे जायेंगे...
योग दिवस स्पेशल: योग गुरु इंडिया
भारतीय योग की जो सरिता बही तो फिर
सारे विश्ववासी स्नान-ध्यान करने लगे... [yoga day special]
त्राहि त्राहि मची है सुनलो पुकार
त्राहि त्राहि मची है सुनलो पुकार,
अन्नदाता जख्मी सुन लो कहार!!...
सहारनपुर और कश्मीर की हालत
कत्ल-ओ-गारत के इस खेल को, क्यो बढा रहे हो तुम..
दुशमन हर तरफ बैठा है, पर खुद पर पत्थर चला रहे हो तुम...
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही...
कटी मेरी पतंग मांझे के हाथों ही, हमें फ़र्क़ था माझे पर नाज था!!
डूवी मेरी कश्ती पतवार के हाथो ही, हमें फ़र्क़ था पतवार पर नाज था!!
मेरे वजूद पर अंकुश, लगाने का सुनाते है फरमान!!
सांस लेने पर प्रतिबंध जैसे, संसार पर हम है भार!!
न लव्ज न सोंच न स्वप्न, विन आत्मा है पाषाण!!
चंद शब्दो से सम्मान नहीं, आँखो में सम्मान तो हो!!
दिन रात में विचरण निडर करें, ऐसी स्वाभिमान का अधिकार हो!!
चंद शब्दो से सम्मान नहीं, आँखो में सम्मान तो हो!!
माँगू ईश्वर एक वरदान..
माँगू ईश्वर एक वरदान, उदर की ज्वाला हो शान्त!!
किसान की तृष्णा हो अभय, माँगूँ ईश्वर एक वरदान!!
लपेटे में नेता जी पार्ट 2...
उत्तर प्रदेश के चुनावी माहौल में हर पार्टी और हर नेता जनता को रिझाने की कोशिश में है। ऐसे में देखिए किस तरह कवियों के लपेटे में आए नेताजी।
ज्ञान मुद्रा
भारतीय संस्कृति में सबसे ज्यादा ज्ञान मुद्रा को प्राथमिकता दी जाती है। जिस कारण ही हमारे पूर्वज और ऋषिओं को सर्वज्ञ ज्ञान था।...
कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या लाभ और हानि?
कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है
सोना एक गर्म धातु है।...
सेल्फी लेना हो सकता है आपके लिए खतरनाक!!
Caused by overusing the muscles attached to your elbow and wrist. Taking too many photos of yourself can result in selfie elbow, latest injury related to tech equipment...
Yoga is India`s Gift to the World
Sadhguru speaks at the United Nations General Assembly on International Day of Yoga 2016, about yoga being India's gift to the world, and how it is a science of inner wellbeing.
प्राण मुद्रा
बचपन से ही चश्मा का लगना, प्राणशक्ति को बढ़ाना और शारीर को निरोग रखना प्राण मुद्रा इसके लिए रामवाण का कम करती है..
भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!
साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।
भजन: चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।
भजन: मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।
जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥
भजन: बजरंग के आते आते कही भोर हो न जाये रे...
बजरंग के आते आते कही भोर हो न जाये रे,
ये राम सोचते हैं, श्री राम सोचते हैं।
भजन: श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में!
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे मन के नागिनें में।
स्वच्छ भारत अभियान - Swachh Bharat Abhiyan
^
top